Kalsharp Shanti Kavach Read More

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Benefit of Kawach

कालसर्प योग क्या हैं?

काल का मतलब है मृत्यु, जानकारो के मतानुशार जिस व्यक्ति का जन्म कालसर्प योग मे हुवा हो वह व्यक्ति जीवन भर मृत्यु के समान कष्ट भोगने वाला होता है

व्यक्ति जीवन भर कोइ ना कोइ समस्या से ग्रस्त होकर अशांत चित होता है।

कालसर्प योग मतलब क्या?

जब जन्म कुंडली में सारे ग्रह राहु और केतु के बीच स्थित रहते हैं तो उससे ज्योतिष विद्या के जानकार उसे कालसर्प योग कहते है। यदि राहु और केतु के बीच से एक ग्रह बाहर निकल जाये तो उसे आंशिक कालसर्प योग कहते हैं।

कालसर्प योग किस प्रकार बनता है और क्यों बनता हैं?

जब 7 ग्रह राहु और केतु के मध्य मे स्थित हो यह अच्छि स्थिति नहि है।

राहु और केतु के मध्य मे बाकी सब ग्रह आजाने से राहु केतु उनके प्रभावो को पकडके रखते है। तो कालसर्प योग बनता है, क्योकि ज्योतिष मे राहु को सर्प(साप) का मुह(मुख) एवं केतु को पूंछ कहा जाता है।

कालसर्प योग क्या होता हैं?

जैसे किसी व्यक्ति को साप काट ले तो वह व्यक्ति शांति से नही बेठ सकता वेसे ही कालसर्प योग से पीड़ित व्यक्ति जीवन पर्यन्त शारीरिक, मानसिक, आर्थिक परेशानी का सामना करना पडता है। विवाह विलम्ब से होता है एवं विवाह के पश्च्यात संतान से संबंधी कष्ट जेसे उसे संतान होती ही नहीं या होती है तो रोग ग्रस्त होती है। उसकी रोजी-रोटी का जुगाड़ भी बड़ी मुश्किल से हो पाता है। अगर जुगाड़ होजाये तो लम्बे समय तक टिकती नही है। बार-बार व्यवसाय या नौकरी मे बदलाव आते रेहते है। धनाढय घर में पैदा होने के बावजूद किसी न किसी वजह से उसे अप्रत्याशित रूप से आर्थिक क्षति होती रहती है। तरह तरह की परेशानी से घिरे रहते हैं। एक समस्या खतम होते ही दूसरी पाव पसारे खडी होजाती है। योग से व्यक्ति को चैन नही मिलता उसके कार्य बनते ही नही और बन जाये भी तो आधे मे रुक जाते है। 99% हो चुका कर्य भी आखरी पलो मे अकस्मात ही रुक जात है।

जिन लोगों को उक्त योग के कारण परेशानी हो रही हो, विभिन्न पूजा-पाठ इत्यादि करवाने के उपरांत भी विशेष लाभे की प्राप्ति नहीं हो रही हो, ऐसी स्थिती में कालसर्प शांति कवच अत्यंत लाभप्रद सिद्ध होता हैं। कालसर्प शांति कवच को धारण कर के कालसर्प योग के कुप्रभावो को कम किया जा सकता है।

जिन लोगो को लगता हो की उनके कार्य विशेष में कालसर्प योग के कारण विघ्न बाधाये एवं विलंब हो रहा हैं तो वह कालसर्प योग शांति कवच को धारण कर सकते हैं।

कालसर्प शांति कवच का निर्माण विशेष रुप से विधि-विधान से ग्रहों के कुप्रभावों को शांत करने के लिए किया जाता हैं, जिससे ग्रहों द्वारा प्राप्त होने वाले अशुभ प्रभाव कम हो सके और धारण कर्ता के जीवन से विभिन्न दुःख, संकट, एवं परेशानियां कम हो कर उसे जीवन में सुख-समृद्धि की प्राप्ति हो, उसका जीवन सुखमय व्यतीत हो सकता हैं।

कालसर्प योग संबंधित विशेष मत

आधुनिक ज्योतिषीय संशोधन के आधार पर कुछ ज्योतिष के जानकारों ने कालसर्प योग के प्रभाव को स्वीकार किया हैं। जिस में कुछ ज्योतिषी पूर्ण कालसर्प को ही मानते हैं वह लोग अर्ध कालसर्प योग को नहीं मानते। लेकिन कुछ ज्योतिषीयों ने अपने अनुभव एवं अनुशंधान से अर्ध कालसर्प योग के प्रभावों को माना हैं।

लेकिन कुछ ज्योतिषी आजतक कालसर्प योग के प्रभावों को नहीं मानते हैं।

कुछ अज्ञानि लोग कालसर्प योग को कालसर्प दोष कहते हैं, लेकिन यह कोइ दोष नहीं एक ज्योतिषी योग हैं। इस लिए यदि कालसर्प योग कुंडली में हो तो इससे घबराये या ड़रे बीना उसका उपाय करना बुद्धि मता हैं।


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